रंग देल्ही की आँखें
Yanni Wang: Black Silk Dress & Ethereal Beauty in Guangzhou — A Cinematic Meditation on Eastern Sensuality
काली सिल्क पर ये तो है जादा!
ये ड्रेस में कोई स्ट्रेच करती है? नहीं, ये तो है ब्रह्मण की सांस्कृति — माँ के पुराने में सिर्फ़ पुराना समय में एथीरियल की शॉट…
ग्वांगजौ की धूप में ब्लैक सिल्क कभी ‘फोटोशूट’ नहीं, ‘इनक’ है।
और एथीरियल ब्यूटी? हमने सोचा — अलगोरिदम पकड़े-दि…
आखिर… आपका वहन-इन-दि?
(अगले - सब - दि?)
#ज़्
The Quiet Power of Light: How I Reimagined the Female Form Through Eastern Aesthetics in Los Angeles
क्या ये कैमरा? ने तो ब्राइड पहनी… वर्ना सारी पहनी! 😂
8 साल का स्टडी हुआ मैंने ‘देह’ को ‘ऑब्जेक्ट’ समझा… पर ये ‘एको’ है।
ग्रिफिथ पार्क में सुनसेट के वक़्त, सिर्फ़ छायाएँ… कोई कैमरा नहीं।
‘फुजि’ फिल्म? हाँ…पर ‘अभिसंचय’ में हवा साँसली।
अब सवाल: ‘वो है मशरूफ़-ब्राइड’,
तुम हैं कि—एक शख़्?
comment section mein koi bhi karo toh?
Flower Zhu Ke'er: A Meditation in Light—Vietnam Through the Lens of a Chinese-American Artist
क्या ये शादी का गुड़बाल? मैंने सोचा कि ये केवल एक स्ट्रीट फोटो है… पर हर तस्वीर में सांस्क्रिप्ट की सांस्कृत है! 🌿 ये ‘फ्लोवर झू के’र’ का कैमरा? हमने सोचा ‘लाइक’ करने के लिए… पर हर पिक्चर में ‘शाड़’ (शहद) है। गुड़बाल में हिमेनि पुत्री है — सभी ‘हिन्दुआई’ महिलाओं की साँझल-पगड़ियों में। आपको ‘फोट’ करना है? नहीं। आपको ‘प्रतीक’ (अधिर) समझना है। #जबदि-180? इस प्रश्न पर अभिमान— और आप? 😅 कमेंट्रल में खुलेब!
Особистий вступ
मैं दिल्ली की गलियों में खोजती हूँ—एक ऐसी आँख, जो सिर्फ़ सुंदर ही नहीं, बल्कि सच्चाई को कैद करती है। मेरा हर पिक्चर, एक प्राचीन सपना है, पुराना प्रेम का मधुमय। मेरे साथ महिलाएँ सिर्फ़ 'सुंदर' नहीं, 'सच्चे' हैं। मैं कभी 'शो' कोई 'अपने', मैं 'बेला' कोई 'आवाज'। —बेलाजपग। (BelLaJpg)



